भागलपुर में लोकतंत्र, निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के मुद्दे को लेकर इंडिया गठबंधन की ओर से मार्च निकाला गया। नेता प्रतिपक्ष सह राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आयोजित ‘ज्ञानेश हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ मार्च में गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। मार्च शहीद स्मारक चौक से शुरू होकर गवर्नर हाउस तक पहुंचा।
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने इस मार्च के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी लड़ाई केवल ज्ञानेश कुमार को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था, संवैधानिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष है।
मार्च में शामिल नेताओं ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है। इस दौरान कर्पूरी ठाकुर, जयप्रकाश नारायण, राममनोहर लोहिया और लालू प्रसाद यादव के विचारों और आदर्शों का भी उल्लेख किया गया।
इंडिया गठबंधन की ओर से कई मांगें भी उठाई गईं। नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाने की मांग की। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव करने की मांग रखी गई।
प्रदर्शनकारियों ने बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को तत्काल रोकने की मांग भी की। साथ ही ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में बिहार, बंगाल और अन्य राज्यों में हुए चुनावों को रद्द करने की मांग उठाई गई।
मार्च के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और केंद्र सरकार तथा चुनावी व्यवस्था के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।





