बिहार के सारण जिले में बाढ़ पीड़ितों पर पिस्टल तानने के मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सारण के एसएसपी रौशन कुमार ने मकेर थानाध्यक्ष संग्राम सिंह को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि गंडक नदी का तटबंध टूटने से आई भीषण बाढ़ के बीच पुरुषोत्तमपुर गांव में राहत सामग्री वितरण के दौरान थानाध्यक्ष ने ग्रामीणों पर पिस्टल तान दी थी। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आ गया, जिसके बाद एसएसपी ने कार्रवाई की।
दरअसल, सारण जिले के मकेर प्रखंड के पुरुषोत्तमपुर में बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री का वितरण कराया जा रहा था। बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच ग्रामीण राहत सामग्री लेने के लिए कतार में खड़े थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर ग्रामीणों और मकेर थानाध्यक्ष संग्राम सिंह के बीच विवाद होने की बात सामने आई है।
घटना से संबंधित प्रसारित वीडियो में थानाध्यक्ष पहले अपनी चप्पल निकालते दिखाई देते हैं। इसके बाद वह कमर से पिस्टल निकालकर ग्रामीणों की ओर तानते नजर आते हैं। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई। बाढ़ जैसी आपदा के बीच राहत सामग्री वितरण के दौरान पुलिस अधिकारी के इस कथित व्यवहार को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी की बात कही जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सारण के एसएसपी रौशन कुमार ने मकेर थानाध्यक्ष संग्राम सिंह को निलंबित कर दिया है। वीडियो वायरल होने के बाद की गई इस कार्रवाई को पुलिस प्रशासन की ओर से मामले में उठाए गए अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, प्रसारित वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और किन परिस्थितियों में थानाध्यक्ष ने पिस्टल निकाली, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।फिलहाल, बाढ़ की विभीषिका झेल रहे लोगों के बीच राहत वितरण के दौरान हुई इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। थानाध्यक्ष के निलंबन के बाद अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों पर सबकी नजरें टिकी हैं।
फिलहाल, बाढ़ की विभीषिका झेल रहे लोगों के बीच राहत वितरण के दौरान हुई इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। थानाध्यक्ष के निलंबन के बाद अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों पर सबकी नजरें टिकी हैं।






