गया से देश सेवा और जज्बे की बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी यानी OTA में 29वीं पासिंग आउट परेड का आयोजन हुआ, जिसमें 253 ऑफिसर कैडेट्स ने अंतिम पग पार कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन हासिल किया। इनमें 218 पुरुष और 35 महिला अफसर कैडेट शामिल हैं।
पासिंग आउट परेड के बाद आयोजित पिपिंग समारोह का दृश्य बेहद भावुक रहा। कहीं मां ने अपने ऑफिसर बेटे को गले लगाया, तो कहीं पिता ने बेटे को गोद में उठाकर खुशी जताई। परिवार के सदस्यों ने अपने लाडलों को कैप पहनाकर गर्व का इजहार किया। वर्षों की मेहनत और कठिन सैन्य प्रशिक्षण के बाद जब बच्चों ने अफसर की वर्दी पहनी, तो अभिभावकों की आंखों में खुशी साफ नजर आई।
इस समारोह में देहरादून के स्पर्श छेत्री भी लेफ्टिनेंट बने। स्पर्श के परिवार की कई पीढ़ियां सेना से जुड़ी रही हैं। उनके मुताबिक, उनके परिवार में करीब 50 लोग सेना में सेवा दे चुके हैं। उनकी मां रितु छेत्री भी सेना में रह चुकी हैं और ऑपरेशन विजय में शामिल रही हैं, जबकि उनके पति कारगिल युद्ध में हिस्सा ले चुके हैं। स्पर्श ने कॉरपोरेट सेक्टर की नौकरी छोड़कर सेना में आने का फैसला किया।
वहीं, ओडिशा के कटक निवासी सैयद अबू भी सेना के अधिकारी बने। वे नेशनल फुटबॉलर रह चुके हैं। OTA की ट्रेनिंग के दौरान चोट लगने के बावजूद उन्होंने दोबारा प्रशिक्षण पूरा किया और अपने लक्ष्य को हासिल किया।
प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लेफ्टिनेंट पी. शशि कुमार को स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। उन्होंने युवाओं को हिम्मत, मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
समारोह में वियतनाम पीपुल्स आर्मी के जनरल स्टाफ के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ले वान हुआंग समीक्षा अधिकारी रहे। वहीं, दरभंगा के राघवेंद्र मिश्रा ने भी सैन्य अधिकारी बनकर बिहार का नाम रोशन किया।




