पटना: बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पटना के मसौढ़ी और पुनपुन इलाके में पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने से कई पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार पुनपुन नदी का जलस्तर 53.16 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। लखना पूर्वी और बरावां पंचायत में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।
लखना पूर्वी पंचायत के मुस्तफापुर गांव में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। गांव के महादलित टोले में दो दर्जन से ज्यादा घर जलमग्न हो चुके हैं। गांव में करीब 70 घर हैं, जिनमें अधिकांश कच्चे मिट्टी के मकान बताए जा रहे हैं। पानी के कारण कई मकान गिर गए हैं, जबकि लोग अपना घर छोड़कर सड़क किनारे और दूसरे लोगों के मकानों की छतों पर रहने को मजबूर हैं।
बाढ़ प्रभावित लोगों का कहना है कि घर और सामान बर्बाद होने के बाद उनके सामने खाने-पीने और रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। बिजली आपूर्ति भी बाधित है, जिससे खाना बनाने तक में परेशानी हो रही है। गांव को दूसरे इलाकों से जोड़ने वाला लिंक मार्ग पानी में डूब गया है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से सामुदायिक किचन, नाव परिचालन, मेडिकल कैंप, शौचालय और जरूरी सामान उपलब्ध कराने की मांग की है। बाढ़ के पानी के बीच सांप-बिच्छू निकलने से भी लोगों में डर बना हुआ है। मवेशियों के लिए चारे की समस्या भी गंभीर हो गई है।
बाढ़ प्रभावितों से मिलने पूर्व विधायक गोपाल रविदास भी मुस्तफापुर पहुंचे। उन्होंने सरकार से प्रभावित इलाकों में सामुदायिक किचन, अस्थायी मेडिकल कैंप, शौचालय और नाव की व्यवस्था करने की मांग की।
पुनपुन प्रखंड की बरावां और लखना पूर्वी पंचायत के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अंचलाधिकारियों को पीड़ितों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं और लोगों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।





