डिगवाडीह में BCKU का अनिश्चितकालीन धरना, नियोजन-मुआवजा और बिजली व्यवस्था को लेकर BCCL प्रबंधन पर दबाव

धनबाद: जिले के डिगवाडीह में बिजली कटौती, निर्माणाधीन आरएसपी कॉलेज में कथित अनियमितता और सुहानी देवी के परिजनों को नियोजन एवं उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर बीसीकेयू ने आंदोलन तेज कर दिया है। संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक सड़क पर उतर आए। आंदोलनकारियों ने डिगवाडीह बिजली सब स्टेशन के समक्ष प्रदर्शन करने के साथ ही बीसीसीएल के ईजे एरिया स्थित भौरा जीएम कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।

 

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प्रदर्शनकारियों ने सबसे पहले डिगवाडीह सब स्टेशन के समक्ष बिजली व्यवस्था को लेकर विरोध जताया। आंदोलनकारियों का आरोप है कि बीसीसीएल की कॉलोनियों में नियमित बिजली आपूर्ति नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि बिजली कटौती से घरेलू कार्यों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में बीसीसीएल प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार की मांग की गई है।

 

बीसीकेयू ने निर्माणाधीन नए आरएसपी कॉलेज का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। संगठन का आरोप है कि कॉलेज निर्माण कार्य में कथित तौर पर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। आंदोलनकारियों ने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

 

इसके अलावा सुहानी देवी के परिजनों को नियोजन और वर्तमान दर के अनुसार उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने आवाज बुलंद की। रैयत पक्ष का कहना है कि प्रभावित परिवार के हक और अधिकार का उचित तरीके से समाधान किया जाना चाहिए।

 

इन सभी मांगों को लेकर बीसीकेयू ने बीसीसीएल ईजे एरिया के भौरा जीएम कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक बीसीसीएल प्रबंधन उनकी मांगों पर ठोस और सकारात्मक पहल नहीं करता, तब तक धरना जारी रहेगा।

 

बीसीकेयू ने साफ चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक और तेज किया जाएगा। फिलहाल डिगवाडीह में प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन धरने के कारण बीसीसीएल प्रबंधन पर आंदोलनकारियों की मांगों के समाधान का दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।

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