बिहार में शिक्षक भर्ती और शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर शिक्षा विभाग ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा यानी टीआरई-4 में कक्षा 9वीं और 10वीं के संगीत विषय के लिए 111 अतिरिक्त रिक्तियां जोड़ी गई हैं। इसके साथ ही टीआरई-4 में शिक्षकों की कुल रिक्तियों की संख्या बढ़कर 33,385 हो गई है।
शिक्षा मंत्री के अनुसार, संगीत विषय की इन अतिरिक्त रिक्तियों की अधियाचना जल्द ही बिहार लोक सेवा आयोग को भेजी जाएगी। इससे संगीत विषय के अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में अतिरिक्त अवसर मिलने की उम्मीद है।
वहीं, शिक्षक स्थानांतरण की प्रक्रिया को लेकर भी विभाग ने बड़ी जानकारी साझा की है। सामान्य स्थानांतरण के लिए 17 सितंबर से दोबारा आवेदन लिए जाएंगे। इस चरण में उन शिक्षकों को भी आवेदन करने का अवसर मिलेगा, जो 5 अगस्त तक आवेदन नहीं कर पाए थे। शिक्षा विभाग का लक्ष्य 31 अक्टूबर तक स्थानांतरण से जुड़े सभी मामलों का निष्पादन करना है।
मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि अधिशेष यानी सरप्लस शिक्षकों और पारस्परिक यानी म्यूचुअल ट्रांसफर से जुड़े मामलों की सूची भी जल्द जारी करने की तैयारी चल रही है। सरप्लस शिक्षकों के कुल 73,151 आवेदनों में से करीब 37 हजार शिक्षकों को उनके पहले से पांचवें विकल्प के भीतर ही विद्यालय मिल चुका है।
स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान शिक्षकों को च्वाइस फिलिंग में अधिकतम 30 विद्यालयों का विकल्प देने की सुविधा दी गई थी। विभाग का कहना है कि शिक्षकों द्वारा चुने गए विकल्पों के आधार पर ही स्थानांतरण किया जाएगा। म्यूचुअल ट्रांसफर के आवेदनों में महिला शिक्षकों की संख्या भी बड़ी बताई जा रही है।
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया ऐच्छिक, ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के तहत संचालित की जा रही है। किसी भी शिक्षक को जबरन स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जा रहा है।
जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर विधि विभाग से मंतव्य मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं, न्यायालय की रोक वाले याचिकाकर्ता शिक्षकों को छोड़कर अन्य शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया जारी रहेगी।
इसके अलावा बिहार में कंप्यूटर टीचर और लाइब्रेरियन की बहाली की तैयारी भी जल्द शुरू करने की बात कही गई है। शिक्षकों के बकाया भुगतान को लंबे समय तक लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी विभाग कार्रवाई की तैयारी में है।






