पटना में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की मांगों को लेकर मंगलवार को छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। गांधी मैदान से निकला छात्रों का मार्च डाकबंगला चौराहे पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बाद में हल्का लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। कई छात्रों को हिरासत में भी लिया गया।
छात्रों की प्रमुख मांग TRE-4 में निगेटिव मार्किंग खत्म करने और परीक्षा को एकल चरण में कराने की है। सोमवार को सरकार और छात्र संगठनों के बीच कई घंटे चली वार्ता में इन मांगों पर सहमति नहीं बन सकी थी। इसके बाद छात्रों ने मंगलवार को मार्च का ऐलान किया था।
प्रदर्शन को देखते हुए पटना में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। गांधी मैदान, जेपी गोलंबर, डाकबंगला और आयकर गोलंबर समेत प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। डाकबंगला पर लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग के साथ बख्तरबंद वाहन भी लगाया गया।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर हमला बोला और छात्रों पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार ने छात्रों की लगभग सभी मांगों का समाधान किया है और संवाद के रास्ते खुले हैं। उन्होंने तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी छात्र न्याय सत्याग्रह के मंच पर पहुंचे। उन्होंने छात्र नेताओं से मुलाकात कर उनकी मांगें सुनीं और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा की और घायल छात्रों से मुलाकात की।
छात्रों की अन्य मांगों में BSSC इंटर स्तरीय परीक्षा की तिथि घोषित करना, 70वीं BPSC परीक्षा का पेपर रद्द करना और दारोगा भर्ती की जांच शामिल है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य सिर्फ TRE-4 नहीं, बल्कि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।








