पटना: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के एक वीडियो को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह से सार्वजनिक मंचों पर बयान और व्यवहार करते हैं, उसे बिहार में ‘लफुआगिरी’ कहा जाता है। संजय झा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सार्वजनिक संवाद की मर्यादा की सभी सीमाएं पार कर दी हैं।
संजय झा ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में किसी मुद्दे पर बात करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि किसके बारे में और किस भाषा में बात की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को लेकर टिप्पणी की गई, वह इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी हैं और भारत के उनके साथ दोस्ताना संबंध हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा और अंदाज उचित नहीं है।
‘पार्ट टाइम पॉलिटिक्स’ का आरोप: संजय झा ने राहुल गांधी पर पार्ट टाइम राजनीति करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब आंदोलन चल रहा था, तब राहुल गांधी विदेश में थे और अब जब परिस्थितियां सामान्य हो रही हैं तथा समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, तब आंदोलन करने की बात कही जा रही है।
जल संधि के मुद्दे पर भी संजय झा ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच जल संधि हुई थी, उस समय केंद्र में यूपीए की सरकार थी। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन सरकार को राजद और कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था।
संजय झा ने अपने मंत्री रहते हुए का अनुभव साझा करते हुए कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनसे जल संधि के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाने की बात कहते थे।
दरअसल, राहुल गांधी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए उन पर तंज किया था। उन्होंने मंच पर प्रधानमंत्री की शैली की नकल करते हुए कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया। इसी दौरान मेलोनी को लेकर की गई टिप्पणी पर मंच और दर्शकों में हंसी का माहौल बन गया। अब इसी वीडियो को लेकर सत्ता पक्ष राहुल गांधी पर निशाना साध रहा है।





