पटना: डेहरी डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या के बाद बिहार की राजनीति में मामला लगातार गरमाता जा रहा है। मंगलवार को पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव दानापुर के गोला रोड स्थित विमल कुमार के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा देते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में वह पूरी तरह उनके साथ खड़े हैं।
परिजनों से मुलाकात के बाद पप्पू यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है और जब सरकारी अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों ने बेहद पीड़ा के साथ अपनी बात रखी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सांसद ने इस हत्याकांड की CBI जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी सफेदपोश या प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसे भी कानून के दायरे में लाकर सख्त सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को संसद में भी उठाया जाएगा ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
पप्पू यादव ने राज्य सरकार से मृतक अधिकारी के परिवार को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा, आश्रित को सम्मानजनक सरकारी नौकरी और परिवार की सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल क्लर्क की नौकरी देने की बात पर्याप्त नहीं है, बल्कि सरकार को परिवार के भविष्य की चिंता करते हुए उचित सहायता देनी चाहिए।
गौरतलब है कि 2 अगस्त 2026 को औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र में विमल कुमार की उस समय पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, जब वे सरकारी वाहन से पटना जा रहे थे। हमलावरों ने कथित तौर पर लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से हमला कर उनकी जान ले ली।
विमल कुमार मूल रूप से गया जिले के शेरघाटी के निवासी थे और डेहरी डालमियानगर नगर परिषद में कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर तैनात थे। घटना के बाद उनकी पत्नी ने डेहरी विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर 50 लाख रुपये की कथित मांग को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, जबकि विपक्ष निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहा है।





