धनबाद जिले में जमीन विवाद का एक मामला रविवार को चर्चा का विषय बन गया, जब रैयतधारकों ने प्रेस वार्ता आयोजित कर अपनी पुश्तैनी जमीन पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा वास्तविक रैयतधारकों को न्याय दिलाने की मांग की।
प्रेस वार्ता के दौरान रैयतधारकों ने बताया कि विवाद खाता संख्या-29 एवं प्लॉट संख्या-79 और 80 से संबंधित है। उनका दावा है कि उक्त भूमि का खतियान पारुल महतो के नाम दर्ज है और इसके समर्थन में उनके पास सभी वैध भूमि संबंधी दस्तावेज उपलब्ध हैं। इसके बावजूद बुधन मियां के पुत्र द्वारा इस जमीन पर अपना दावा किया जा रहा है, जिसे उन्होंने पूरी तरह निराधार और तथ्यों के विपरीत बताया।
रैयतधारकों की ओर से बसंती देवी ने कहा कि यह जमीन उनके दादा-ससुर की पुश्तैनी संपत्ति है और कई वर्षों से उनके परिवार के कब्जे एवं उपयोग में रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी पक्ष कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रशासन को सभी अभिलेखों, खतियान, रजिस्टर-2 और अन्य राजस्व दस्तावेजों की गहन जांच करनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
बसंती देवी ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो वास्तविक रैयतधारकों का अधिकार सुरक्षित रहेगा और फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीन हड़पने की किसी भी कोशिश पर रोक लग सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनका परिवार कानून और प्रशासन पर पूरा भरोसा रखता है तथा न्याय की उम्मीद कर रहा है।
रैयतधारकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी शिकायत पर समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे न्याय के लिए संबंधित उच्च अधिकारियों से लेकर सक्षम न्यायालय तक का दरवाजा खटखटाएंगे। फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
संवाददाता : राजेश कुमार, धनबाद






