बिहार के मधुबनी जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एयरफोर्स से सेवानिवृत्त एक दंपती को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि दोनों संगठित साइबर ठगी गिरोह से जुड़े थे और महिलाओं को समूह लोन दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल देशभर में करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी के लिए करते थे। आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज, चेकबुक, मुहर और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
मामले की शुरुआत नगर थाना क्षेत्र के हराजगंज गुड्डी गाछी वार्ड संख्या-27 की एक महिला की शिकायत से हुई। पीड़िता ने साइबर ठगी की शिकायत साइबर थाना में दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर रहिका थाना क्षेत्र में छापेमारी की और विजय चंद्र पाल तथा उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। विजय चंद्र पाल एयरफोर्स से सेवानिवृत्त बताए जाते हैं।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के घर से 53 बैंक पासबुक, 47 चेकबुक, 22 मुहर (सील) और 4 मोबाइल फोन बरामद किए। सभी सामान को जब्त कर फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए भेजा गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र कुमार के अनुसार, आरोपी महिलाओं को समूह लोन दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद एटीएम कार्ड, चेकबुक, बैंक दस्तावेज और मोबाइल सिम अपने कब्जे में रख लेते थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन्हीं खातों का इस्तेमाल विभिन्न राज्यों में सक्रिय साइबर अपराधियों के साथ मिलकर ऑनलाइन ठगी के लिए किया जाता था।
पुलिस जांच में आरोपियों के तार असम, महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक सहित कई राज्यों में सक्रिय साइबर गिरोहों से जुड़े होने की आशंका सामने आई है। अब तक इनसे जुड़े बैंक खातों पर 91 साइबर शिकायतें दर्ज होने की पुष्टि हुई है। इन शिकायतों और संदिग्ध लेनदेन की विस्तृत जांच की जा रही है।
फिलहाल गिरफ्तार दंपती को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं और इन्हीं के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यह साइबर नेटवर्क कब से सक्रिय था और इसमें कितने लोग शामिल हैं।






