सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल अंतर्गत लगमा गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। खेत में धान की रोपाई करने गई एक महिला की 11 हजार वोल्ट के बिजली तार की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे की सबसे मार्मिक बात यह रही कि परिवार में पहले से ही एक सदस्य के निधन के बाद श्राद्ध कर्म का अंतिम दिन चल रहा था। ऐसे समय में हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
मृतका की पहचान चकवाड़ा पंचायत निवासी 45 वर्षीय देव दाय देवी, पति मनोज राम के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, वह रविवार को धान की रोपाई के लिए खेत गई थीं। खेत के ऊपर से गुजर रहा 11 हजार वोल्ट का बिजली तार काफी नीचे लटका हुआ था। काम के दौरान वह अचानक तार की चपेट में आ गईं, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद उनका शव खेत में पड़ा मिला। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सहरसा सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
हादसे के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि 11 हजार वोल्ट का तार लंबे समय से नीचे लटका हुआ था और इसकी शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की गई थी, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते तार को दुरुस्त कर दिया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा मृतका के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
संवाददाता : इन्द्रदेव, सहरसा






