बोकारो: झारखंड के गोमिया प्रखंड में करीब 30 हाथियों का झुंड वन विभाग के साथ-साथ ग्रामीणों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। झुंड में 2 से 3 गर्भवती हथनियां शामिल होने के कारण हाथियों की गतिविधियां सामान्य से अलग हैं। वन विभाग का मानना है कि गर्भवती हथनियों की वजह से हाथियों की रफ्तार धीमी है और वे लंबे समय तक इसी इलाके में डेरा डाल सकते हैं। ऐसे समय में हाथियों के अधिक आक्रामक होने की भी आशंका जताई गई है।
जानकारी के अनुसार हाथियों का झुंड गोपो, पालू, बड़की पुन्नू और कुसुमडीह-कानीडीह क्षेत्र के आसपास लगातार विचरण कर रहा है। इसे देखते हुए वन विभाग ने महुआटांड़, धवईया, सिमराबेड़ा, दरहाबेड़ा, कुसुमडीह, कानीडीह, गागा, टिकाहारा, फुटकाडीह और कंडेर सहित आसपास के कई गांवों में हाई अलर्ट जारी किया है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। साथ ही हाथियों के पास जाकर फोटो या सेल्फी लेने की कोशिश बिल्कुल न करें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि हाथियों को भगाने के लिए शोर-शराबा करना, पटाखे फोड़ना या ट्रैक्टर का इस्तेमाल करना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसी हरकतों से हाथी उग्र हो सकते हैं, जिससे जान-माल का नुकसान होने की संभावना बढ़ जाती है।
स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए वन विभाग ने इलाके में दो क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात कर दी हैं। ये टीमें हाथियों की गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं और ग्रामीणों को समय-समय पर सतर्क रहने की सलाह दे रही हैं।
वन विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति हाथियों को परेशान करता है या वन विभाग के निर्देशों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने लोगों से संयम और सतर्कता बरतते हुए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
संवाददाता: चंदन सिंह





