पटना: राजधानी पटना में भीषण गर्मी और उमस के बीच गिग वर्कर्स के लिए बड़ी राहत की पहल की गई है। बिहार सरकार और पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से शुरू किए गए 24×7 एसी लाउंज का सोमवार को नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री ने निरीक्षण किया। उन्होंने गांधी मैदान गेट नंबर-4 और आयकर गोलंबर स्थित केंद्रों का जायजा लिया तथा गिग वर्कर्स से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
ये लाउंज खास तौर पर स्विगी, जोमैटो, रैपीडो और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी पार्टनर्स के लिए बनाए गए हैं। यहां एयर कंडीशनिंग, शुद्ध पेयजल, मोबाइल चार्जिंग, बैठने और विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। विभाग के अनुसार, गिग वर्कर्स के लिए समर्पित एसी लाउंज विकसित करने वाला पटना देश का तीसरा प्रमुख शहर बन गया है।
फिलहाल राजधानी में दो स्थानों पर यह सुविधा शुरू की गई है। दोनों केंद्रों पर एक समय में करीब 15 गिग वर्कर्स आराम कर सकते हैं। रैपीडो चालक अमित कुमार ने बताया कि लगातार सड़क पर काम करने के दौरान यह सुविधा काफी राहत दे रही है। उन्होंने कहा कि सिर्फ 2 रुपये में आधे घंटे एसी में बैठने और ठंडा पानी पीने की सुविधा मिल रही है। साथ ही मोबाइल चार्जिंग की व्यवस्था भी उनके काम में मददगार साबित हो रही है। उन्होंने लाउंज के पास शौचालय और शहर के अन्य इलाकों में भी ऐसे केंद्र खोलने की मांग की।
स्विगी डिलीवरी पार्टनर रितेश ने बताया कि पहले खाली समय में सड़क किनारे इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब लाउंज में बैठकर आराम करने और खाना खाने की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कंकड़बाग, राजा बाजार, बोरिंग रोड और अन्य व्यस्त इलाकों में भी ऐसे केंद्र शुरू करने की मांग की।
लाउंज के शुल्क को लेकर मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि रखरखाव और बेहतर संचालन के लिए ₹2 प्रति आधा घंटा और ₹4 प्रति घंटा शुल्क रखा गया है। अगले दो महीनों तक इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी। मॉडल सफल रहने पर पटना समेत बिहार के अन्य शहरों में भी ऐसे एसी लाउंज शुरू किए जाएंगे। उन्होंने गिग वर्कर्स की मांग पर लाउंज के पास शौचालय की व्यवस्था करने का भी आश्वासन दिया।







