BPSC में रजनीश कुमार ने लहराया परचम, 1077वीं रैंक हासिल कर बने रेवेन्यू अधिकारी; अब UPSC पास कर डीएम बनने का सपना

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के घोषित परिणाम में नालंदा जिले के कपटिया गांव निवासी रजनीश कुमार ने शानदार सफलता हासिल की है। उन्होंने 1077वीं रैंक प्राप्त कर रेवेन्यू अधिकारी पद के लिए चयनित होकर परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और युवा वर्ग को भी सिविल सेवा की तैयारी के लिए नई प्रेरणा मिली है।

 

सेवानिवृत्त पुलिस सब-इंस्पेक्टर महेश कुमार के पुत्र रजनीश कुमार ने बताया कि यह BPSC में उनका तीसरा प्रयास था। उन्होंने कहा कि उनकी मंजिल अभी बाकी है और वह UPSC की परीक्षा पास कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित होकर डीएम बनना चाहते हैं। रजनीश इससे पहले दो बार UPSC मेन्स परीक्षा तक पहुंच चुके हैं।

 

रजनीश की प्रारंभिक शिक्षा झारखंड के नेतरहाट विद्यालय से हुई। वर्ष 2011 में उन्होंने मैट्रिक परीक्षा में 88 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। इसके बाद इंटरमीडिएट में 78 प्रतिशत अंक हासिल कर मगध विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। पटना में अध्ययन के दौरान अन्य छात्रों की मेहनत और सफलता से प्रेरित होकर उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की।

 

स्नातक के बाद रजनीश दिल्ली गए, जहां उन्होंने कोचिंग संस्थानों में तैयारी की। कोचिंग पूरी होने के बाद घर लौटकर सेल्फ स्टडी के माध्यम से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे। उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान अकेले रहकर खाना बनाना, कपड़े धोना और दैनिक जिम्मेदारियों को निभाना सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

 

रजनीश अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और बड़े भाई को देते हैं, जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया। उनके बड़े भाई मनीष कुमार एसएससी के माध्यम से कोलकाता में ऑडिटर पद पर कार्यरत हैं। रजनीश की सफलता पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।

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