समस्तीपुर में रेलवे की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां दो विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर चल रहे विवाद का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा। समस्तीपुर–दरभंगा रेलखंड पर स्थित गुमटी संख्या 1 एसी रविवार दोपहर करीब 55 मिनट तक बंद नहीं हो सकी, जिसके कारण इस रूट पर ट्रेन परिचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
जानकारी के अनुसार दोपहर 2:02 बजे से 2:56 बजे तक इस रेलखंड पर एक भी ट्रेन नहीं चल सकी। इसके चलते कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा। प्रभावित ट्रेनों में समस्तीपुर-दरभंगा डेमू (75209), बागमती एक्सप्रेस (12578), जयनगर एक्सप्रेस (15553) और आरा इंटरसिटी एक्सप्रेस (13225) शामिल हैं। आरा इंटरसिटी को किशनपुर स्टेशन पर रोकना पड़ा, जबकि अन्य ट्रेनें भी निर्धारित समय पर आगे नहीं बढ़ सकीं।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, गुमटी संचालन की जिम्मेदारी को लेकर अभियंत्रण विभाग और परिचालन विभाग के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। हाल ही में गुमटी संचालन का कार्य अभियंत्रण विभाग से परिचालन विभाग को सौंपा गया था, लेकिन रविवार को निर्धारित समय पर परिचालन विभाग का कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। परिणामस्वरूप रेल फाटक समय पर बंद नहीं हो सका और ट्रेनों की आवाजाही रोकनी पड़ी।
शुरुआत में आशंका जताई गई कि भारी सड़क यातायात के कारण गेट बंद नहीं हो पा रहा है। स्थिति की जांच के लिए आरपीएफ टीम को मौके पर भेजा गया। जांच में पता चला कि गेटमैन ही ड्यूटी पर मौजूद नहीं था। इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और परिचालन को सामान्य कराया।
इस दौरान भीषण गर्मी में यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे के स्थानीय अधिकारियों ने विभागीय समन्वय की कमी को घटना का प्रमुख कारण माना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ज्योति प्रकाश मिश्रा ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।






