पटना: बिहार में मौसम ने एक बार फिर खतरनाक तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने सोमवार को राज्य के 32 जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। कटिहार में वज्रपात की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि करीब 40 लोग झुलस गए। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार पटना, गया, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, जमुई, खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर और बांका समेत 20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही गरज-चमक, भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
वहीं पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों में बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाओं का प्रवाह बढ़ेगा, जिससे मानसून फिर सक्रिय हो जाएगा। इसके बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश होने की संभावना है।
कटिहार के आजमनगर थाना क्षेत्र के कन्हरिया स्थित महानंदा नदी में मछली पकड़ने गए मोहम्मद साबिर की वज्रपात से मौत हो गई। घटना के समय उनके साथ 40 से 50 ग्रामीण मौजूद थे। अचानक बारिश और बिजली गिरने से कई लोग झुलस गए। घायलों में मोहम्मद इश्तहार, शमीर, तंजीर, हुसना, गुजरिया, तोसिफ, इकराम, मतिफुल और मुस्ताक समेत दर्जनों लोग शामिल हैं। सभी का इलाज जारी है और अधिकांश की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
उधर भीषण गर्मी को देखते हुए पटना समेत कई जिलों में कक्षा 8 तक के सरकारी और निजी स्कूलों में 27 जून तक शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित कर दी गई हैं। रविवार को कैमूर 41.6 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म जिला रहा।






