सहरसा: जिले के आदर्श परीक्षा केंद्र पर आयोजित डीएलएड (D.El.Ed) प्रवेश परीक्षा के दौरान उस समय अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया, जब कई छात्राओं को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। छात्राओं का आरोप है कि आधार कार्ड घर पर छूट जाने के कारण उन्हें दोबारा आधार कार्ड निकलवाना पड़ा, लेकिन मामूली देरी होने की वजह से उन्हें परीक्षा में शामिल होने से वंचित कर दिया गया।
परीक्षा देने पहुंची छात्राओं ने बताया कि प्रवेश पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज उनके पास मौजूद थे, लेकिन आधार कार्ड साथ नहीं होने के कारण उन्हें केंद्र से बाहर भेज दिया गया। छात्राओं का कहना है कि वे तत्काल आधार कार्ड की प्रति निकलवाकर परीक्षा केंद्र पहुंचीं, लेकिन मात्र एक मिनट की देरी होने की बात कहकर उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
पीड़ित छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षा कर्मियों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। छात्राओं के अनुसार, गार्डों ने न केवल उनसे बदसलूकी की, बल्कि गाली-गलौज भी की। इस घटना के बाद कई अभिभावकों ने भी परीक्षा केंद्र के बाहर नाराजगी जाहिर की और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
अभिभावकों का कहना है कि यदि छात्राएं निर्धारित समय के कुछ ही क्षण बाद पहुंची थीं, तो मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि सुरक्षा कर्मियों का व्यवहार बेहद आपत्तिजनक था, जिससे छात्राओं को मानसिक रूप से भी ठेस पहुंची है।
हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर परीक्षा केंद्र प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित परीक्षा प्राधिकार इस मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं। परीक्षा से वंचित हुई छात्राएं न्याय और उचित कार्रवाई की मांग कर रही हैं।





