भागलपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब देर रात पुल के पिलर संख्या 133 के पास सड़क का एक स्लैब अचानक टूटकर गंगा नदी में गिर गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुल पर तैनात ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत वरीय अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद प्रशासनिक महकमा पूरी तरह सक्रिय हो गया।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार यादव और उप विकास आयुक्त समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सुरक्षा को देखते हुए तत्काल प्रभाव से पुल पर वाहनों और आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है।
बाद में समीक्षा भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में जिलाधिकारी ने बताया कि लोगों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में नाव सेवा शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर नावों की व्यवस्था की गई है, जिनसे यात्री निशुल्क यात्रा कर सकेंगे। हालांकि सुरक्षा कारणों से नाव सेवा का संचालन केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि हर नाव पर निर्धारित क्षमता का सख्ती से पालन किया जाए और एक नाव पर 50 से अधिक लोग सवार न हों, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
वहीं एसएसपी प्रदीप कुमार यादव ने जानकारी दी कि गंगा घाटों पर पुलिस बल के साथ-साथ मजिस्ट्रेट की भी तैनाती कर दी गई है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें, अफवाहों से बचें और सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और पुल की मरम्मत के साथ-साथ लोगों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
