बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है. बिहार सेवा आयोग ने सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) भर्ती परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है. यह परीक्षा 935 पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित की गई थी, लेकिन परीक्षा के दौरान कदाचार के प्रयास और गड़बड़ी की आशंका सामने आने के बाद आयोग ने यह सख्त कदम उठाया.

आयोग के अनुसार, कुछ परीक्षा केंद्रों पर ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल करने की कोशिश की गई थी. जिला प्रशासन की सतर्कता से इन मामलों का समय रहते खुलासा हुआ, जिसके बाद संबंधित अभ्यर्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और कार्रवाई शुरू की गई. इस मामले में 32 अभ्यर्थियों को दोषी मानते हुए भविष्य की परीक्षाओं से प्रतिबंधित कर दिया गया है.

हालांकि, जांच में प्रश्नपत्र लीक होने या वायरल होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है. किसी भी सीरीज के पेपर के लीक होने की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन आयोग का कहना है कि कुछ केंद्रों पर हुई अनियमितताओं से परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका बनी रही. इसी कारण परीक्षा को रद्द करना जरूरी समझा गया.

आयोग ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय मेधावी अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लिया गया है. BPSC ने दोहराया कि वह कदाचारमुक्त और निष्पक्ष परीक्षा कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

इस फैसले के बाद अभ्यर्थियों में निराशा देखी जा रही है. कई उम्मीदवारों ने दूर-दराज से आकर परीक्षा दी थी और खर्च भी किया था. परीक्षा रद्द होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. फिलहाल, दोबारा परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन आयोग ने जल्द ही विस्तृत जानकारी देने का आश्वासन दिया है.

गौरतलब है कि AEDO परीक्षा 14 अप्रैल से 21 अप्रैल 2026 के बीच 9 पालियों में आयोजित हुई थी. इसके अलावा, 23 अप्रैल 2026 को हुई सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी की परीक्षा भी रद्द कर दी गई है, जिससे हजारों अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं.

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