दरभंगा से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बिहार में सरकार और प्रशासन लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। पहले 41 सीओ के निलंबन के बाद अब दरभंगा में भी बड़ी कार्रवाई की गई है। जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए 128 राजस्व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, जिससे पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, ये सभी कर्मचारी पिछले कुछ समय से हड़ताल और सामूहिक अवकाश पर थे, जिसके कारण सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही थी। इसी को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने यह कदम उठाया है। इस कार्रवाई के पीछे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार के सचिव द्वारा जारी पत्र को आधार बनाया गया है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि हड़ताल के कारण विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं और दोषी कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई जरूरी है।
निलंबित कर्मचारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ में बाधा डालना, उपमुख्यमंत्री सह विभागीय मंत्री के भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम में अवरोध उत्पन्न करना शामिल है। इसके अलावा मार्च महीने में राजस्व संग्रह के निर्धारित लक्ष्य को प्रभावित करने, राजस्व महाअभियान के तहत मिले आवेदनों के समय पर निष्पादन में रुकावट डालने और जनगणना 2027 जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को बाधित करने का भी आरोप है।
यही नहीं, मुख्य सचिव के निर्देशानुसार अंचल स्तर पर आयोजित साप्ताहिक बैठकों—जो सोमवार और शुक्रवार को होती हैं—में भी इन कर्मचारियों द्वारा असहयोग किया गया। इन सभी कारणों को आधार बनाकर प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है।
इस कार्रवाई के बाद साफ संकेत है कि सरकार अब किसी भी तरह की लापरवाही या कार्य में बाधा को बर्दाश्त नहीं करेगी। आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी ऐसी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
