
गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत उप स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब भी स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत पड़ती है, उप स्वास्थ्य केंद्र बंद ही मिलता है। इससे गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और बीमार मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने अपनी बात को प्रमाणित करने के लिए टाइम टेबल सहित कई तिथियों की फोटो प्रस्तुत की है, जिन्हें अपना बिहार झारखंड चैनल को भी दिखाया गया।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार 28/01/2026, 16/01/2026, 12/01/2026, 07/01/2026 तथा 18/12/2025 को उप स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर बंद पाया गया। इन सभी दिनों की तस्वीरें स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि निर्धारित समय पर भी स्वास्थ्य केंद्र में कोई चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं थे।

ग्रामीणों का कहना है कि उप स्वास्थ्य केंद्र गांव की बुनियादी जरूरत है, लेकिन बार-बार बंद रहने से लोगों का भरोसा पूरी तरह टूट चुका है। छोटे-मोटे इलाज, टीकाकरण, जांच और प्राथमिक दवाओं के लिए भी ग्रामीणों को गोपालपुर या निजी क्लिनिक का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि शिकायतें और साक्ष्य सामने आने के बावजूद वर्तमान सीएचओ तथा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्राथमिक सह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालपुर द्वारा अब तक किसी तरह की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर लापरवाह कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा उप स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर को नियमित रूप से संचालित कराया जाए, ताकि आम जनता को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

