बिहार की राजनीति इन दिनों पूरी तरह गर्म है और इसी कड़ी में बिहार अधिकार यात्रा के तहत नेता प्रतिपक्ष **तेजस्वी यादव शुक्रवार को सहरसा पहुंचे।** उनके आगमन से पहले ही जिले में माहौल पूरी तरह **लालटेनमय और राजदमय** हो चुका था। जगह-जगह कार्यकर्ता नारे लगाते, ढोल-नगाड़े बजाते और झूमते-गाते नजर आए। जब तेजस्वी यादव का काफिला शहर में दाखिल हुआ, तो कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी और सड़कों से लेकर स्टेडियम तक गूंज उठी – *“तेजस्वी-तेजस्वी”* के नारों से।
हालांकि बारिश ने पूरे कार्यक्रम की रफ्तार पर असर डालने की कोशिश की। स्टेडियम कीचड़ में तब्दील हो चुका था और मंच पर चढ़ना मुश्किल था। लेकिन तेजस्वी यादव ने अपनी शैली से सबका दिल जीत लिया। उन्होंने बस की छत पर चढ़कर हजारों कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। भीगते हुए भी कार्यकर्ताओं का जोश कम नहीं हुआ और उनके चेहरे पर बदलाव की उम्मीद साफ झलक रही थी।
तेजस्वी यादव ने अपने जोशीले भाषण में कहा कि **“बिहार का भविष्य बदलाव चाहता है और इस बदलाव की बागडोर राजद संभालेगा।”** उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला। तेजस्वी ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि राजद की सरकार बनी तो रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार किए जाएंगे।
इस मौके पर राजद के प्रदेश महासचिव **धीरेंद्र यादव** भी खासे आक्रामक नजर आए। उन्होंने मीडिया और कार्यकर्ताओं के सामने बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि यदि पार्टी उन्हें **सहरसा से टिकट देती है तो जीत पक्की होगी।** धीरेंद्र यादव ने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा – *“सिर्फ सहरसा ही नहीं, पूरा बिहार आज तेजस्वी मय है। जनता बदलाव के मूड में है और इस बदलाव का नाम है तेजस्वी यादव।”*
कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ ने साफ कर दिया कि बिहार अधिकार यात्रा का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। भीड़ केवल संख्या में नहीं, बल्कि उत्साह और ऊर्जा में भी गजब की थी। बारिश में भी भीगे हुए कार्यकर्ताओं का उत्साह यह संदेश देने के लिए काफी था कि अब जनता बदलाव का मन बना चुकी है।
तेजस्वी यादव के भाषण के दौरान बार-बार नारों और तालियों से माहौल गूंजता रहा। कार्यकर्ता बस के चारों ओर ऐसे जमा थे मानो अपने नेता की एक झलक पाने के लिए बेताब हों। लालटेन की रोशनी और झंडों की लहराती भीड़ ने इस सभा को ऐतिहासिक बना दिया।
सहरसा की इस रैली ने साबित कर दिया कि तेजस्वी यादव की लोकप्रियता दिनों-दिन बढ़ रही है। बिहार अधिकार यात्रा का यह पड़ाव बताता है कि राजद के लिए जनसमर्थन गहराता जा रहा है और विपक्ष की राजनीति नए जोश के साथ आगे बढ़ रही है।
अंततः यह कहा जा सकता है कि बारिश और कीचड़ के बावजूद **सहरसा में तेजस्वी यादव का जलवा पूरी तरह छा गया।** भीड़, नारों और जोश ने एक बार फिर यह जता दिया कि बिहार की राजनीति में तेजस्वी यादव की पकड़ मजबूत होती जा रही है और उनकी अधिकार यात्रा आने वाले चुनाव में बड़ी भूमिका निभाने वाली है।
