बिहार पुलिस में अब वर्दी सिर्फ पहनने की नहीं, बल्कि उसके सम्मान को बनाए रखने की भी सख्त जिम्मेदारी तय कर दी गई है। वर्दी में सोशल मीडिया पर रील, वीडियो और फोटो पोस्ट करना कई पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया। विभागीय अनुशासन तोड़ने के आरोप में करीब 40 से 50 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
Bihar Police मुख्यालय की इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में साफ संदेश गया है कि सेवा नियमों का उल्लंघन अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राज्य के पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी Vinay Kumar ने सभी जिलों और इकाइयों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि ड्यूटी के दौरान हर पुलिसकर्मी को निर्धारित ड्रेस कोड का कड़ाई से पालन करना होगा।
नए निर्देशों के मुताबिक अब वर्दी में चंदन-टीका या किसी भी प्रकार के धार्मिक प्रतीक लगाकर ड्यूटी करने की अनुमति नहीं होगी। इसका उद्देश्य पुलिस बल की धर्मनिरपेक्ष और निष्पक्ष छवि को बनाए रखना बताया गया है।
महिला पुलिसकर्मियों को भी ड्यूटी के दौरान अत्यधिक सज-धज से बचने की सलाह दी गई है, ताकि पेशेवर आचरण और अनुशासन बना रहे।
इसके अलावा टोपी और बेल्ट पहनना भी अब पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। बिना टोपी ड्यूटी करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वर्दी के हर हिस्से का सही उपयोग सेवा नियमों का हिस्सा माना जाएगा।
एक और अहम निर्देश में कहा गया है कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी जरूरत से ज्यादा आभूषण नहीं पहनेंगे। खासकर दसों उंगलियों में अंगूठी पहनने पर रोक लगा दी गई है।
सोशल मीडिया को लेकर डीजीपी ने साफ कहा है कि वर्दी में वीडियो बनाना, फोटो पोस्ट करना या प्रचारात्मक गतिविधियों में शामिल होना विभागीय अनुशासन और गोपनीयता के खिलाफ है।
पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाइयों के प्रमुखों को आदेश दिया है कि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन सख्त कदमों से पुलिस बल में अनुशासन मजबूत होगा और जनता के बीच पुलिस की निष्पक्षता व भरोसा भी बढ़ेगा।
