सारण के सोनपुर में मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary ने ‘सहयोग शिविर’ योजना की राज्यव्यापी शुरुआत करते हुए कई बड़ी घोषणाएं कीं। डुमरी बुजुर्ग पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि टाउनशिप के लिए जमीन देने वाले किसानों को किसी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन परिवारों को बेटी की शादी, आपदा या अन्य जरूरी काम के लिए पैसों की आवश्यकता होगी, वे जिलाधिकारी को आवेदन दे सकते हैं। जांच के बाद जमीन का मुआवजा चार गुना दर से सीधे खाते में भेज दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान और उन्हें न्याय दिलाना है। इसके लिए ‘सहयोग पोर्टल’ और हेल्पलाइन नंबर 1100 पहले ही जारी किया जा चुका है। अब हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को राज्य की सभी पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’ लगाए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि शिविर में मिले आवेदनों का हर हाल में 30 दिनों के भीतर निपटारा करना होगा। तय समय सीमा में काम नहीं होने पर संबंधित अधिकारी 31वें दिन स्वतः निलंबित माने जाएंगे। आवेदन की स्थिति पर 10वें, 20वें और 25वें दिन अधिकारियों को नोटिस भी भेजा जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने Narendra Modi और Satish Kumar के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार को समृद्ध बनाने की दिशा में ‘सहयोग शिविर’ महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
सोनपुर क्षेत्र के विकास को लेकर भी कई अहम घोषणाएं की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना के जेपी गंगा पथ की तर्ज पर “गंगा-अंबिका पथ” बनाया जाएगा। इसके अलावा नया ब्रिज, एयरपोर्ट और बाबा हरिहरनाथ के नाम पर नया टाउनशिप विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। साथ ही 15 अगस्त तक अनावश्यक रेफर व्यवस्था खत्म करने और सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज व मॉडल स्कूल खोलने की दिशा में तेजी से काम करने की बात कही गई।


