वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि बिहार में जाति आधारित गणना कार्य शुरू हो जाने से भाजपा नेता हताशा और परेशान हैं। पहले तो शायद उन्हें उम्मीद ही नहीं थी कि बिहार सरकार यह करा पाएगी और आज इसकी शुरुआत हो जाने पर उन्हें इसमें खामियां नजर आ रही हैं कि इससे जात-पात की भावना फैलेगी।

वरिष्ठ जदयू नेता श्री चौधरी ने कहा कि पता नहीं भाजपा नेता किस मुंह से ऐसी बात करते हैं, जबकि दो-दो बार विधानसभा व विधान परिषद में जाति आधारित गणना कराने की मांग सर्वसम्मति से पारित हुआ, जिसमें भाजपा भी शामिल थी।

विपक्ष के नेता विजय सिन्हा को आड़े हाथों लेते हुए मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि यह भी भूल गए कि 1931 के बाद 1941 में द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण जनगणना नहीं हो पायी थी। यह भ्रम फैलाना है कि इससे जातीय विद्वेष फैलेगा। इसमें तो सभी जातियों के लोगों के सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के भी आंकड़े लिये जाएंगे। सवर्णों सहित सभी जाति के गरीबों की पहचान होगी, जिससे उनके उत्थान के लिए योजनाएं बनाने में सहूलियत होगी।

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