भागलपुर में इस वर्ष होली को लेकर एक अलग संदेश सामने आया है। भागलपुर स्थित जीवन जागृति सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार सिंह ने इस बार होली का त्योहार नहीं मनाने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब विश्व के कई देशों में युद्ध और अशांति का माहौल बना हुआ है, तब उत्सव मनाना उचित नहीं प्रतीत होता।
डॉ. सिंह ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियां अत्यंत चिंताजनक हैं। विभिन्न देशों में चल रहे संघर्षों के कारण हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं और असंख्य लोग कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में मानवता के प्रति संवेदना और एकजुटता दिखाना अधिक आवश्यक है। उन्होंने कहा, “जब दुनिया के अनेक हिस्सों में लोग संकट और युद्ध की त्रासदी झेल रहे हैं, तब हमें आत्ममंथन करना चाहिए। शांति की स्थापना ही सबसे बड़ा उत्सव है।”
जीवन जागृति सोसाइटी ने भी इस निर्णय का समर्थन करते हुए घोषणा की है कि इस बार संस्था की ओर से न तो रंग और अबीर-गुलाल उड़ाया जाएगा और न ही सामूहिक होली मिलन समारोह का आयोजन किया जाएगा। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि यह कदम विश्व शांति के प्रति प्रतीकात्मक समर्थन है और समाज को संवेदनशीलता का संदेश देने का प्रयास है।
डॉ. अजय कुमार सिंह ने लोगों से अपील की है कि होली के अवसर पर शांति, भाईचारे और सद्भाव का संदेश दें। उन्होंने कहा कि जब पूरे विश्व में शांति बहाल होगी और युद्ध का वातावरण समाप्त होगा, तभी सच्चे अर्थों में त्योहारों की खुशियां मनाना सार्थक होगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि होली जैसे पारंपरिक त्योहार हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने व्यक्तिगत और संस्थागत स्तर पर इस वर्ष उत्सव से दूरी बनाने का निर्णय लिया है।
संस्था के इस फैसले को लेकर शहर में मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे मानवीय और संवेदनशील पहल बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि त्योहार सामाजिक एकता और सकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक होते हैं। फिलहाल, सोसाइटी ने सादगी से होली का दिन बिताने और विश्व शांति की कामना करने का निर्णय लिया है।
