सहरसा जिले के नवहट्टा नगर पंचायत क्षेत्र में रास्ते के विवाद ने एक परिवार की जिंदगी मुश्किलों से भर दी है। मामला नगर पंचायत वार्ड संख्या 16 खदियाही का है, जहां रास्ता बंद होने के कारण एक परिवार दर-दर भटकने को मजबूर हो गया है। पीड़ित रामप्रीत पासवान ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और अवरुद्ध रास्ते को जल्द खुलवाने की मांग की है।
पीड़ित रामप्रीत पासवान का आरोप है कि उनका परिवार पिछले करीब 25 वर्षों से जिस रास्ते का उपयोग आवाजाही के लिए करता आ रहा था, उसे मामूली विवाद के बाद विपक्षी पक्ष द्वारा बंद कर दिया गया। आरोप है कि रास्ते पर ग्रिल और गेट लगाकर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। इससे परिवार के लोग अपने ही घर में कैद होकर रह गए हैं।
रामप्रीत पासवान ने बताया कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि परिवार के सदस्यों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए दूसरे लोगों के आंगन, खेत और खलिहान होकर गुजरना पड़ता है। रास्ता बंद होने से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। रोजमर्रा के कामकाज, स्कूल आने-जाने और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित परिवार ने अंचलाधिकारी और जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों से उपयोग में रहे रास्ते को अचानक बंद कर देना अन्यायपूर्ण है और प्रशासन को जल्द समाधान निकालना चाहिए।
वहीं इस मामले में नवहट्टा अंचलाधिकारी मोनी बहन ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि जमीन की नापी कर उसकी प्रकृति की जांच की जाएगी कि वह सरकारी जमीन है या रैयती। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि आखिर किस आधार पर वर्षों से रास्ते का उपयोग किया जा रहा था। अंचलाधिकारी ने कहा कि नापी रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए मामले का समाधान किया जाएगा।
25 वर्षों से इस्तेमाल हो रहा रास्ता बंद, परिवार घर में कैद; न्याय की गुहार लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहा पीड़ित परिवार


