बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक दिन दर्ज होने जा रहा है। पहली बार भारतीय जनता पार्टी यानी BJP का कोई नेता राज्य के मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने जा रहा है। राजधानी पटना में इसे लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है।
भाजपा विधायक दल के नेता के चयन को लेकर पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और बिहार प्रभारी विनोद तावड़े विशेष विमान से पटना पहुंचे। एयरपोर्ट पर इन नेताओं का भव्य स्वागत किया गया, जहां उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
पटना में बढ़ती वीआईपी गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। खासतौर पर वीरचंद पटेल पथ स्थित BJP मुख्यालय में आम कार्यकर्ताओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। केवल विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है, ताकि विधायक दल की बैठक अनुशासन और गोपनीयता के साथ पूरी हो सके।
दोपहर 3 बजे प्रदेश कार्यालय के अटल सभागार में विधायक दल की अहम बैठक बुलाई गई है, जहां नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी। फिलहाल सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है, लेकिन BJP की रणनीति को देखते हुए किसी चौंकाने वाले फैसले की भी संभावना बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, नई सरकार में कुल 24 मंत्री शामिल हो सकते हैं। इसमें BJP के पास मुख्यमंत्री सहित 11 पद, जनता दल यूनाइटेड के पास 9 पद, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 2 पद और अन्य सहयोगी दलों को 1-1 पद मिलने की संभावना है।
बैठक के बाद NDA के सभी घटक दल एकजुट होकर राज्यपाल सैयद अता हसनैन के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। अगर सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार रहा, तो बुधवार सुबह शपथ ग्रहण समारोह में बिहार के पहले BJP मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।
