पटना: बिहार में लगातार पुल गिरने की घटनाओं के बाद सरकार द्वारा कराए जा रहे स्ट्रक्चरल ऑडिट में बड़ा खुलासा हुआ है.IIT patna की जांच रिपोर्ट में राज्य के 9 पुलों की स्थिति चिंताजनक बताई गई है. इन पुलों की तत्काल मरम्मत नहीं हुई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है.
दरअसल, पिछले साल सुल्तानगंज-अगुवानी घाट पुल का हिस्सा गिरने के बाद बिहार सरकार ने राज्य के बड़े पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने का फैसला लिया था. इसके तहत 60 मीटर से अधिक लंबाई वाले 85 पुलों की जांच की जिम्मेदारी IIT पटना को दी गई. अब तक 47 पुलों की रिपोर्ट पथ निर्माण विभाग को सौंप दी गई है.
सूत्रों के अनुसार, जांच में मुजफ्फरपुर के दो, गया के तीन, लखीसराय के दो और हाजीपुर के एक पुल को खतरनाक श्रेणी में रखा गया है. खासकर मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक नदी पर बने पुल की स्थिति को गंभीर माना गया है और उसकी शीघ्र मरम्मत की सिफारिश की गई है.
फिलहाल बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और पथ निर्माण विभाग IIT पटना की रिपोर्ट का अध्ययन कर रहे हैं. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जिन पुलों में ज्यादा खतरा है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाएगा.
सरकार ने पिछले साल ही पुलों के रखरखाव और सुरक्षा के लिए नई मेंटेनेंस पॉलिसी लागू की थी. इसके तहत पुलों का नियमित स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट, समय-समय पर मरम्मत और डिजिटल हेल्थ कार्ड तैयार करने की व्यवस्था की गई है.
सूत्रों की मानें तो IIT पटना जल्द ही सभी पुलों की अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा. इसके बाद जर्जर और कमजोर पुलों की मरम्मत तथा मजबूतीकरण का काम तेजी से शुरू किया जाएगा.


