भागलपुर। शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक भागलपुर इकाई की टीम अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लगातार विधायक, सांसद और मंत्रियों से मुलाकात कर रही है। इसी कड़ी में रविवार को टीम ने बिहार के नगर विकास एवं आवास मंत्री सह भागलपुर के प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित आवेदन सौंपा।
इस दौरान टीम ने भागलपुर विधायक रोहित पांडेय, सुल्तानगंज विधायक ललित नारायण मंडल और भागलपुर भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष कुमार से भी मुलाकात कर अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखीं। अनुदेशकों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, जब वे अपनी मांगों को लेकर जनप्रतिनिधियों और सरकार के प्रतिनिधियों से मिल रहे हैं। इससे पहले भी वे लगातार अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने आवेदन देखने के बाद कहा कि वे इस मामले से भली-भांति परिचित हैं और पूर्व में भी इस विषय को लेकर आवाज उठा चुके हैं। वहीं, मौके पर मौजूद सुल्तानगंज विधायक ललित नारायण मंडल ने भी उनकी मांगों के प्रति सहमति जताई।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने अनुदेशकों से कहा कि वे सरकार का अंग हैं। उनकी मांगों को चरणबद्ध तरीके से मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का काम किया जाएगा। उन्होंने अनुदेशकों से अपने काम पर फोकस करने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें निश्चित रूप से सफलता मिलेगी।
भागलपुर जिला अध्यक्ष अभय कुमार मिश्रा ने कहा कि संगठन लगातार अपनी मांगों को लेकर जनप्रतिनिधियों और सरकार के स्तर पर अपनी बात रख रहा है। मुख्यमंत्री तक भी उनकी मांगें पहुंचाई जा चुकी हैं। अब देखना है कि सरकार कब उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेती है।
गौरतलब है कि शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों की बहाली वर्ष 2022 में की गई थी। उस समय उनका मासिक मानदेय महज 8 हजार रुपये निर्धारित किया गया था। लगातार धरना-प्रदर्शन और सरकार के समक्ष मांग रखने के बाद चुनाव के समय मानदेय बढ़ाकर 16 हजार रुपये किया गया। हालांकि, अनुदेशकों की प्रमुख मांग पूर्णकालिक कार्य और सेवा से जुड़ी व्यवस्था को लेकर अब भी निर्णय नहीं हो सका है।






