भागलपुर। भागलपुर का निचला और दियारा इलाका इन दिनों पूरी तरह बाढ़ की चपेट में है। कई इलाके टापू में तब्दील हो चुके हैं और चारों तरफ बाढ़ का पानी फैला हुआ है। आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है, लेकिन सेना में भर्ती होने का सपना देख रहे युवाओं का जुनून और हौसला अब भी बरकरार है। बाढ़ के बीच इन युवाओं की मेहनत और जज्बा लोगों के लिए प्रेरणा बन रहा है।
जिस मैदान में कभी युवा सुबह और शाम दौड़ लगाकर सेना में भर्ती की तैयारी करते थे, आज वही मैदान चार से पांच फीट तक बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है। पूरा मैदान जलमग्न है और वहां सामान्य तरीके से दौड़ या शारीरिक अभ्यास करना संभव नहीं है। इसके बावजूद सेना में जाने का सपना देख रहे युवा पानी के बीच ही अपनी शारीरिक तैयारी जारी रखे हुए हैं।
इन युवाओं को पैरा कमांडो से सेवानिवृत्त रणजीत सोलंकी प्रशिक्षण दे रहे हैं। बाढ़ के कारण अभ्यास मैदान के डूब जाने के बावजूद उन्होंने युवाओं की तैयारी बंद नहीं होने दी। वह मुश्किल परिस्थितियों में भी युवाओं की फिटनेस बनाए रखने के लिए उन्हें अलग तरीके से शारीरिक अभ्यास करा रहे हैं।
युवाओं का कहना है कि आने वाले दिनों में सेना की परीक्षा है। ऐसे में तैयारी रोकना उनके लिए संभव नहीं है। उनका सपना भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना है और इस सपने को पूरा करने के लिए वे किसी भी मुश्किल का सामना करने को तैयार हैं।
बाढ़ ने इन युवाओं से उनका मैदान जरूर छीन लिया है, लेकिन उनका हौसला नहीं छीन पाई। चार से पांच फीट पानी के बीच जारी शारीरिक तैयारी यह बताती है कि मजबूत इरादों के सामने मुश्किल परिस्थितियां भी छोटी पड़ जाती हैं।
वहीं, पैरा कमांडो से सेवानिवृत्त प्रशिक्षक रणजीत सोलंकी की मेहनत भी युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा है। उनका प्रशिक्षण युवाओं को न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बना रहा है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की सीख भी दे रहा है। सेना में भर्ती होने का यह जुनून बाढ़ के बीच देशसेवा के जज्बे की मिसाल पेश कर रहा है।






