मैट्रिक के रिजल्ट देखकर लाखों छात्र ऐसे हैं, जिन्हें भविष्य के सफर में पहले पड़ाव पार करने की खुशी है। लेकिन, कुछ छात्र छात्राएं ऐसे भी हैं, जिनके हिस्से में यह खुशी नहीं आई। परीक्षा में कम नंबर आने और फेल होने के गम को झेलना मुश्किल हुआ तो जिंदगी को खत्म करना ज्यादा आसान रास्ता नजर आया।
सिवान जिले में ऐसी ही एक घटना बीते गुरुवार को हुई है। जहां मैट्रिक एग्जाम में दोस्तों से कम नंबर आने पर एक छात्रा ने गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने वाली छात्रा का नाम निशा कुमारी है, जो नगर थाने के मखदूम सराय निवासी छोटू लाल चौधरी की पुत्री थी।
सभी सहेलियों से आए थे कम नंबर
निशा के परिजनों ने बताया, ‘वह शहर के आर्य कन्या उच्च विद्यालय की छात्रा है। उसने इस बार मैट्रिक की परीक्षा दी थी। गुरुवार को रिजल्ट आने के बाद उसकी कई सहेली फर्स्ट डिवीजन से पास हुई थी, जबकि उसका रिजल्ट सेकेंड डिवीजन था। इसी बात को लेकर उसने अपने को कमरे में बंद कर लिया। फिर पंखे से गले में फंदा लगाकर सुसाइड कर ली। सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।’
लखीसराय के बड़हिया में छात्रा को पड़ा दिल का दौरा
वहीं, एक छात्रा की रिजल्ट देखने के बाद हार्ट अटैक से मौत हो गई। हार्ट अटैक से मरने वाली छात्रा का नाम सौम्या परवीन है, जो बड़हरिया थाना क्षेत्र के लकरी दरगाह निवासी आजम अली की पुत्री थी।
सौम्या परवीन के परिजनों ने बताया, ‘दोपहर 3 बजे मैट्रिक का रिजल्ट आया। रिजल्ट को लेकर वह काफी उत्साहित थी, लेकिन परिणाम में उसकी कई सहेली फर्स्ट डिवीजन से पास हुई थी। जबकि, सौम्या का रिजल्ट सेकेंड डिवीजन था। रिजल्ट देखते ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। सदर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया।
वहीं, मुंगेर में भी मैट्रिक में फेल होने पर एक छात्र ने जहर खा ली। जबकि, 5 छात्राएं फेल होने पर बीमार हो गई। सदर अस्पताल के डॉक्टर ने कहा कि 4 घंटे में छह का इलाज किया।
