
समस्तीपुर में ट्रेन के गेट पर कृत्रिम भीड़ बनाकर महिला यात्रियों से चेन और पर्स झपटने वाले गिरोह का रेल पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के चम्पाहाटी निवासी राजू लस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी और उसके गिरोह पर बिहार के कई जिलों के साथ ओडिशा में भी वारदात करने का आरोप है।
मामला 4 जुलाई 2026 का है। मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना क्षेत्र के दामोदरपुर निवासी 51 वर्षीय महिला समस्तीपुर रेलवे स्टेशन से 13225 जयनगर-आरा इंटरसिटी एक्सप्रेस में सवार हो रही थीं। इसी दौरान ट्रेन के गेट के पास 5 से 7 युवकों ने जानबूझकर भीड़ जैसी स्थिति बना दी। इसी का फायदा उठाकर महिला के गले से करीब 20 ग्राम सोने की चेन झपट ली गई। घटना को लेकर रेल थाना समस्तीपुर में कांड संख्या 148/26 दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान रेल पुलिस ने घटना के समय का मोबाइल टावर डाटा खंगाला। इसमें सात संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन घटना के वक्त समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर मिली। जांच आगे बढ़ी तो इन्हीं नंबरों की लोकेशन उसी दिन दरभंगा में हुई एक अन्य छिनतई की घटना के दौरान भी सामने आई।
पुलिस के अनुसार, गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी ट्रेन के गेट के पास 5 से 7 लोगों की कृत्रिम भीड़ बनाते थे। यात्रियों के ट्रेन में चढ़ने के दौरान धक्का-मुक्की और भीड़ का फायदा उठाकर महिला यात्रियों के गले से सोने की चेन या पर्स झपट लेते थे और मौके से फरार हो जाते थे।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी और उसके गिरोह पर समस्तीपुर, दरभंगा और बक्सर के अलावा ओडिशा के जगन्नाथपुरी में रथ यात्रा के दौरान भी छिनतई करने का आरोप है।
7 सितंबर 2026 को राजू लस्कर रेलवे कोर्ट, समस्तीपुर पहुंचा था। इसी दौरान गुप्त सूचना के आधार पर रेल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है और उसके खिलाफ ओडिशा के बलिअंपदा थाना, रेल थाना दरभंगा और रेल थाना बक्सर में मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी अभियान में सहायक अवर निरीक्षक बालमुकुंद शर्मा, सहायक अवर निरीक्षक धुरंधर सिंह, सिपाही गौरव कुमार, रौशन कुमार और आरक्षी दीपक कुमार रजक शामिल रहे।





