बिहार के सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला कैमूर जिले के रामगढ़ रेफरल अस्पताल का है, जहां एक डॉक्टर लुंगी-गंजी पहनकर मरीजों का इलाज करते नजर आए। घटना सामने आने के बाद स्थानीय विधायक ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर को जमकर फटकार लगाई और अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के मुताबिक गुरुवार रात सड़क दुर्घटना में घायल चार लोगों को इलाज के लिए रामगढ़ रेफरल अस्पताल लाया गया था। हादसे की सूचना मिलने पर रामगढ़ विधायक सतीश कुमार उर्फ पिंटू यादव भी अस्पताल पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि घायलों का इलाज नर्स कर रही है और ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं है।
विधायक ने जब अस्पताल कर्मियों से ऑन ड्यूटी डॉक्टर के बारे में पूछा तो किसी ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। करीब 20 मिनट बाद एक डॉक्टर लुंगी और गंजी पहनकर अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर को इस हालत में देखकर विधायक भड़क गए। उन्होंने डॉक्टर से सवाल किया कि क्या इसी ड्रेस में मरीजों का इलाज किया जाता है और क्या यही अस्पताल का प्रोटोकॉल है।
मामला बढ़ता देख विधायक ने तुरंत कैमूर के सिविल सर्जन को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी और कार्रवाई की मांग की। घटना का वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
इस मामले पर कैमूर डॉक्टर चंद्रेश्वरी रजक सिविल सर्जन ने बताया कि संबंधित डॉक्टर का एक दिन का वेतन काट दिया गया है। साथ ही उन्हें भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं दोहराने की चेतावनी भी दी गई है। सिविल सर्जन ने कहा कि सभी डॉक्टरों को बिहार सरकार के प्रोटोकॉल के अनुसार ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है।
अस्पताल के एक कर्मचारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि रामगढ़ रेफरल अस्पताल की स्थिति लंबे समय से खराब है। डॉक्टर समय पर नहीं आते और मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पाता। कर्मचारी के अनुसार अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर सुरेंद्र प्रसाद सिंह पिछले करीब 20 वर्षों से इसी अस्पताल में तैनात हैं।


