मोतिहारी में मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन थाना क्षेत्र के बसवरिया गांव निवासी संतोष जायसवाल को गिरफ्तार किया है. उस पर MBBS में दाखिला दिलाने के नाम पर छात्रों और अभिभावकों से लाखों रुपये ठगने का आरोप है.
ईटीवी भारत की टीम जब संतोष जायसवाल के गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने उसे अच्छे व्यवहार वाला व्यक्ति बताया. ग्रामीण रामसागर प्रसाद यादव ने कहा कि संतोष गांव में अच्छे इंसान के रूप में जाना जाता है और उन्हें इस तरह के किसी फर्जीवाड़े की जानकारी नहीं थी. वहीं जोगिंदर प्रसाद यादव ने भी कहा कि गांव में उसका व्यवहार अच्छा था और वह सभी से सम्मान से मिलता था. परिवार वालों ने इस मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 3 मई 2026 को महिपालपुर इलाके से संतोष जायसवाल को गिरफ्तार किया गया. उसकी निशानदेही पर संत प्रताप सिंह, डॉ. अखलाक आलम उर्फ गोल्डन आलम और विवोद भाई समेत कई लोगों को पकड़ा गया. पुलिस ने गाजियाबाद और महिपालपुर के कई होटलों में छापेमारी कर कुछ छात्रों को भी हिरासत में लिया.
जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह मेडिकल कॉलेज में सीट दिलाने के नाम पर छात्रों से 20 से 30 लाख रुपये तक वसूलता था. आरोपी छात्रों के 10वीं-12वीं के प्रमाणपत्र और साइन किए हुए खाली चेक भी अपने पास रखते थे. पुलिस को छापेमारी के दौरान फर्जी प्रश्नपत्र, उत्तर-पुस्तिकाएं और कई दस्तावेज मिले हैं.
इस मामले को लेकर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने आरोप लगाया कि संतोष जायसवाल का संबंध आरजेडी से रहा है. वहीं आरजेडी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संतोष का पार्टी से कोई संबंध नहीं है और बीजेपी ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है.


