बोकारो पुलिस विभाग में वेतन निकासी के दौरान हुए 10 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले की जांच अब तेज हो गई है। मामले की जांच के लिए गठित कमेटी के अध्यक्ष एवं राज्य उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अमिताभ कौशल शुक्रवार को बोकारो पहुंचे, जहां उन्होंने पूरे मामले की गहन समीक्षा की। जांच को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में दिनभर हलचल बनी रही।
डॉ. अमिताभ कौशल ने बोकारो सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की। बैठक में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और उप विकास आयुक्त समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस विभाग और ट्रेजरी से जुड़े अधिकारियों को बुलाकर आवश्यक दस्तावेज और अभिलेख मंगवाए गए।
जांच कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से करीब 4000 दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। सभी दस्तावेजों की बिंदुवार जांच की जा रही है। जहां भी किसी प्रकार की त्रुटि या संदिग्ध लेन-देन सामने आ रहा है, वहां संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े वित्तीय घोटाले की जांच जल्दबाजी में पूरी नहीं की जा सकती। बोकारो से जुटाए गए दस्तावेजों की रांची में भी विस्तार से जांच होगी। इसके बाद जांच कमेटी की टीम दोबारा बोकारो पहुंचकर आगे की कार्रवाई करेगी।
डॉ. कौशल ने साफ कहा कि जांच के दौरान जिस भी स्तर पर लापरवाही, मिलीभगत या गड़बड़ी सामने आएगी, उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले की जांच तेज होने के बाद पुलिस विभाग और ट्रेजरी से जुड़े कई अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अब सबकी निगाहें जांच कमेटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं।
