भागलपुर बरारी पुल घाट के सीढ़ी घाट पर उस समय हड़कंप मच गया, जब गंगा घाट की सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेडिंग के बांस के बीच एक रसेल वाइपर सांप दिखाई दिया। जहरीले सांप को देखते ही आसपास मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया। हालांकि लोगों ने समझदारी दिखाते हुए सांप को पकड़ने या छेड़ने की कोशिश नहीं की और तत्काल घाट पर तैनात आपदा मित्रों एवं एसडीआरएफ की टीम को सूचना दी।
जानकारी के अनुसार, घाट पर मौजूद ग्रामीण सूरज कुमार की नजर सबसे पहले बांस के बीच छिपे सांप पर पड़ी। उन्होंने बिना जोखिम उठाए तुरंत आपदा मित्रों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही आपदा मित्र मौके पर पहुंचे और वन विभाग को भी घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद प्रशिक्षित टीम ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर सांप को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू के बाद रसेल वाइपर को वन विभाग की टीम के हवाले कर दिया गया। वन विभाग के अनुसार सांप की चिकित्सकीय जांच कराई जाएगी। जांच के बाद उसे सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण यानी जंगल में छोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
रसेल वाइपर भारत समेत एशिया के बेहद जहरीले सांपों में शामिल है। इसके काटने से गंभीर स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं हो सकती हैं और समय पर उपचार नहीं मिलने पर स्थिति जानलेवा भी बन सकती है। ऐसे में भीड़भाड़ वाले गंगा घाट पर इसका मिलना चिंता का विषय था।
रेस्क्यू अभियान के दौरान आपदा मित्र तुलसी यादव, नीतीश कुमार, दिलीप यादव, आबिद कुमार, मोहम्मद मुस्तकीम और सुशील यादव सहित एसडीआरएफ की टीम मौजूद रही। टीम की तत्परता से संभावित खतरे को टाल दिया गया।
आपदा मित्रों ने लोगों से अपील की कि किसी भी सांप को देखने पर उसे पकड़ने या छेड़ने का प्रयास न करें। तत्काल प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर सतर्कता और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम की जरूरत को सामने ला दिया है।





