सहरसा जिले में फरार अभियुक्तों और लंबित न्यायालयीय वारंटों के निष्पादन को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस अधीक्षक सहरसा के निर्देशानुसार पुलिस मुख्यालय-01 द्वारा एससी/एसटी थाना एवं महिला थाना में लंबित कुर्की वारंट और इश्तिहार वारंटों की विस्तृत समीक्षा की गई।
इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित पड़े न्यायालयीय आदेशों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करना और फरार अभियुक्तों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना था। बैठक के दौरान संबंधित थाना प्रभारियों और पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि न्यायालय से निर्गत कुर्की एवं इश्तिहार वारंटों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निष्पादित किया जाए।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि किसी भी मामले में न्यायालयीय प्रक्रिया में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेष रूप से एससी/एसटी थाना और महिला थाना से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। ऐसे मामलों में अभियुक्तों की गिरफ्तारी और न्यायालयीय आदेशों का पालन कानून व्यवस्था की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि कई मामलों में अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहे हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। ऐसे अभियुक्तों के विरुद्ध कुर्की-जब्ती, इश्तिहार चस्पा और आवश्यक कानूनी कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस मुख्यालय-01 ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए। साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत कर फरार अभियुक्तों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से न केवल लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी, बल्कि अपराधियों में कानून का भय भी कायम होगा। सहरसा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि न्यायालयीय आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जिले में चल रहे इस अभियान को कानून व्यवस्था को मजबूत करने और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
