पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के तहत 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होना है। चुनाव से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और राजनीतिक दलों ने प्रचार के अंतिम दिन पूरी ताकत झोंक दी। इसी बीच भारतीय निर्वाचन आयोग ने कानून-व्यवस्था को सख्त बनाए रखने के लिए अहम कदम उठाया है।

आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले  अजय शर्मा  पाल को नया पुलिस ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। उन्हें उत्तर प्रदेश में ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के तौर पर पहचान मिली है। उनकी नियुक्ति के तुरंत बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया।

वायरल वीडियो में अजय पाल शर्मा कथित तौर पर फाल्टा इलाके में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर के घर पहुंचकर उन्हें सख्त लहजे में कानून का पालन करने की चेतावनी देते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आते ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।

हालांकि, वीडियो की सत्यता और उसके संदर्भ को लेकर सवाल उठ रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस ने इसे चुनाव से पहले भ्रम फैलाने की साजिश बताया है, जबकि  भारतीय जनता पार्टी ने इसे अपने सोशल मीडिया पर साझा किया है। आयोग की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सभी ऑब्जर्वरों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

अजय पाल शर्मा 2011 बैच के IPS अधिकारी हैं और वर्तमान में प्रयागराज में एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस के पद पर कार्यरत हैं। अपने सख्त रवैये और त्वरित फैसलों के लिए वे ‘दबंग अधिकारी’ के रूप में जाने जाते हैं।

इस मामले पर अखिलेश यादव भी निशाना साधते हुए उन्हें बीजेपी का एजेंट बताया। कुल मिलाकर, चुनाव से पहले उनकी नियुक्ति और वायरल वीडियो ने सियासी माहौल को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।

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