पटना: बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग के अनुसार, वायुमंडलीय अस्थिरता और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में आज आंधी, गरज और बारिश की संभावना जताई गई है। इस बदलाव से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने के आसार हैं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।

मौसम विभाग ने उत्तर बिहार के 14 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इनमें मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज शामिल हैं। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना है।

वहीं, राज्य के 32 जिलों को ‘येलो अलर्ट’ में रखा गया है। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, बादलों की आवाजाही और वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो कुछ स्थानों पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इससे पेड़ों, कच्चे मकानों और बिजली के खंभों को नुकसान होने की संभावना है।

मौसम केंद्र पटना ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने को कहा गया है, ताकि वज्रपात से बचाव हो सके।

इधर, इस बारिश ने जहां आम लोगों को गर्मी और लू से राहत दी है, वहीं किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर मुजफ्फरपुर और वैशाली में आम और शाही लीची की फसलों को तेज हवाओं से नुकसान पहुंचने का खतरा है।

मौसम विभाग के अनुसार, यह राहत अस्थायी है। 1 मई से तापमान फिर बढ़ना शुरू होगा और 5 मई तक लू का असर दोबारा देखने को मिल सकता है। वहीं, राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट पर रखते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

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