पटना में बिहार विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान राजनीतिक बहस के बीच हल्के-फुल्के पल भी देखने को मिले। मुख्यमंत्री ने ध्वनि मत से बहुमत हासिल कर विश्वास मत जीत लिया, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सहरसा के विधायक का अंदाज सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।

सत्र के दौरान जब विधानसभा अध्यक्ष ने आईपी गुप्ता को बोलने के लिए सिर्फ एक मिनट का समय दिया, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “एक मिनट के डर से तो रात भर हहरल रहते हैं, सोते नहीं हैं।” उनके इस बयान पर सदन में ठहाके गूंज उठे और माहौल हल्का हो गया।

आईपी गुप्ता ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री को कई कारणों से बधाई दी। उन्होंने कहा कि बिहार इस समय संक्रमण काल से गुजर रहा है—एक ओर समाजवादी पृष्ठभूमि वाली राजनीति में भाजपा का विस्तार हुआ है, तो दूसरी ओर पुरानी पीढ़ी से नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपा गया है। उन्होंने सम्राट चौधरी को नई पीढ़ी का पहला मुख्यमंत्री बताते हुए शुभकामनाएं दीं।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने “नागपुर और दिल्ली दरबार को पछाड़ कर” यह पद हासिल किया है, जो उनकी राजनीतिक क्षमता को दर्शाता है। आईपी गुप्ता ने एक व्यक्तिगत जुड़ाव का जिक्र करते हुए बताया कि सम्राट चौधरी मुंगेर से जुड़े हैं, जो उनका भी पुराना जिला रहा है।

हालांकि अपने भाषण के दौरान उन्होंने एक महत्वपूर्ण मांग भी रखी। उन्होंने मुख्यमंत्री से तांती-ततवा समाज को आरक्षण दिलाने की अपील की और कहा कि यह काम केवल वे ही कर सकते हैं।

बता दें कि 56 वर्षीय आईपी गुप्ता, जिनका पूरा नाम इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता है, इंजीनियरिंग में एमटेक डिग्रीधारी और सफल व्यवसायी भी हैं। वे लगातार अपने समाज के अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहे हैं।

वहीं संख्या बल की बात करें तो एनडीए के पास 201 विधायकों का समर्थन है, जबकि बहुमत के लिए 122 विधायकों की आवश्यकता होती है, जिससे सरकार की स्थिति मजबूत मानी जा रही है।

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