बिहार की राजनीति में आज बड़ा दिन है। बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विश्वास मत हासिल करेंगे। आंकड़ों के मुताबिक एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत है, जिससे सरकार के लिए विश्वास मत जीतना आसान माना जा रहा है।

 

एनडीए गठबंधन के पास कुल 201 विधायकों का समर्थन है। इसमें भारतीय जनता पार्टी के 88, जनता दल यूनाइटेड के 85, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 19, हम पार्टी के 5 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 4 विधायक शामिल हैं।

 

हालांकि सियासी चर्चा इस बात को लेकर भी गर्म है कि विपक्षी खेमे से कुछ विधायक सत्ता पक्ष का रुख कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो तेजस्वी यादव के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं और नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पर संकट आ सकता है।

 

गौरतलब है कि 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार की जगह मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

 

इस विशेष सत्र को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है। राजनीतिक गलियारों में जोड़-तोड़ और रणनीति का दौर जारी है, जिससे सत्र और भी दिलचस्प बन गया है।

 

वहीं, एक अलग मामले में टाउन डीएसपी राजेश रंजन ने जानकारी दी है कि एक पीड़िता फिलहाल बयान देने की स्थिति में नहीं है और उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे ही उसकी स्थिति में सुधार होगा, मामले से जुड़ी पूरी जानकारी साझा की जाएगी।

 

कुल मिलाकर, आज का दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम है, जहां सत्ता और विपक्ष दोनों की अग्निपरीक्षा होगी।

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