बिहार में मौसम ने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया है। अप्रैल के महीने में ही तेज धूप और झुलसाने वाली गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में गर्मी का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि जनजीवन पूरी तरह प्रभावित नजर आ रहा है।
मौसम विभाग ने बिहार के 26 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। राजधानी पटना समेत दक्षिण और मध्य बिहार के कई इलाके इस भीषण गर्मी की चपेट में हैं।
गया, औरंगाबाद और रोहतास जैसे जिलों में हालात सबसे ज्यादा गंभीर बने हुए हैं। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ दिखाई दे रहा है, वहीं बाजारों में भी लोगों की आवाजाही कम हो गई है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग जरूरी कामों को भी टालने को मजबूर हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी दिशा से आ रही गर्म हवाओं के चलते तापमान लगातार बढ़ रहा है और फिलहाल राहत के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। अगले कुछ दिनों तक इसी तरह की स्थिति बनी रहने की संभावना जताई गई है।
इस बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक घरों में ही रहें, अधिक से अधिक पानी पिएं और धूप में निकलने से बचें।
इसके अलावा स्कूलों के समय में भी बदलाव किया जा रहा है ताकि बच्चों को गर्मी से बचाया जा सके। डॉक्टरों ने भी हीट स्ट्रोक से बचने के लिए सतर्क रहने और हल्के, सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।
बहरहाल, बिहार में बढ़ती गर्मी ने साफ कर दिया है कि इस बार अप्रैल में ही मई-जून जैसी तपिश महसूस की जा रही है, और आने वाले दिनों में यह चुनौती और भी बढ़ सकती है। ऐसे में सतर्क रहना और सावधानी बरतना ही सबसे बड़ा बचाव है।
