राजधानी पटना में मेट्रो परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है और अब शहर का भविष्य जमीन के नीचे भी आकार लेता दिख रहा है। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने शहरी विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार के साथ मीठापुर स्ट्रेच (PC-01) और मोइनुल हक स्टेडियम स्टेशन (PC-03) के अंडरग्राउंड हिस्सों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव मीठापुर सबस्टेशन पहुंचे और उस अंडरग्राउंड सेक्शन का भी अवलोकन किया, जहां टनल बोरिंग मशीन (TBM) लगातार सुरंग बनाने में जुटी है। अधिकारियों ने उन्हें तकनीकी प्रक्रियाओं और कार्य की स्थिति की विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद पीएमआरसीएल, डीएमआरसी और एलएंडटी की टीमों के साथ बैठक कर परियोजना की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्य समयसीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए और किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पटना मेट्रो केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि शहर की जीवन रेखा है। इससे लोगों का समय बचेगा, ट्रैफिक जाम कम होगा और एक सुरक्षित व आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली विकसित होगी।
ब्लू लाइन कॉरिडोर के तहत प्रायोरिटी सेक्शन में तेजी से काम चल रहा है। पीएमसीएच से मोइनुल हक स्टेडियम तक टनल बोरिंग का कार्य पूरा हो चुका है और अब वायरिंग का काम जारी है। मोइनुल हक स्टेशन जमीन से करीब 22 मीटर नीचे बनाया जा रहा है, जबकि पीएमसीएच स्टेशन लगभग 16 मीटर नीचे है।
वर्तमान में मोइनुल हक से राजेंद्र नगर के बीच खुदाई का कार्य जारी है, जहां रेलवे ट्रैक के नीचे से सुरंग बनाना सबसे चुनौतीपूर्ण चरण माना जा रहा है। वहीं, मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन पूरी तरह तैयार है और यहां कई सफल ट्रायल रन हो चुके हैं। फायर सेफ्टी एनओसी मिलने के बाद यहां से जल्द ही नियमित परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।
