सहरसा के मंडन भारती कृषि महाविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र रोहित कुमार की सड़क दुर्घटना के बाद मौत हो जाने से कॉलेज परिसर में आक्रोश का माहौल है। 14 तारीख को हुई इस घटना ने अब बड़ा रूप ले लिया है, जहां छात्र-छात्राएं न्याय की मांग को लेकर आंदोलन पर बैठ गए हैं।
मृतक छात्र रोहित कुमार सिवान जिले का रहने वाला था और अपने घर से कॉलेज आ रहा था। इसी दौरान मत्स्यगंधा के पास उसका टोटो अचानक पलट गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। साथ में मौजूद दो सहपाठियों ने तत्काल उसे सहरसा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे पटना एम्स रेफर कर दिया।
आरोप है कि पटना ले जाने के दौरान एंबुलेंस चालक ने करीब एक घंटे तक रास्ते में गाड़ी रोक दी और खाने-पीने में लग गया, जिससे रोहित की हालत और बिगड़ गई। वहीं, छात्रों का यह भी कहना है कि एम्स पहुंचने के बाद भी उसे समय पर उचित इलाज नहीं मिल सका, जिसके कारण उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद गुस्साए छात्रों ने कॉलेज प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हादसे के तुरंत बाद कॉलेज प्रशासन को सूचना दी गई थी, लेकिन किसी भी तरह की मदद नहीं पहुंचाई गई। यहां तक कि कॉलेज में एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, जो इस घटना का एक बड़ा कारण बना।
छात्रों ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने और उसके बड़े भाई को नौकरी देने की मांग की है। साथ ही कॉलेज के प्रिंसिपल को हटाने की भी मांग करते हुए छात्रों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरने की सूचना मिलने पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर से छात्र कल्याण निदेशक डॉ. श्वेता शांभवी और प्रशासनिक निदेशक डॉ. राजेश कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही कॉलेज में एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी।
फिलहाल, छात्रों का आंदोलन जारी है और सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
