बिहार की राजनीति में शराबबंदी को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने शराबबंदी हटाने की जोरदार मांग उठाई है। उन्होंने साफ कहा है कि राज्य में शराबबंदी के बावजूद नशे का कारोबार बढ़ रहा है, ऐसे में सरकार को इस नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए।
मंगलवार को विधान मंडल परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए मोकामा विधायक अनंत सिंह ने कहा कि बिहार में शराब फिर से चालू होनी चाहिए। उनका तर्क है कि शराबबंदी के कारण अवैध नशे का चलन तेजी से बढ़ा है, जो समाज के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। उन्होंने कहा, “सम्राट चौधरी से कहेंगे, शराब चालू हो।”
अनंत सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे को लेकर नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सीधे बातचीत करेंगे। उनका कहना है कि सरकार को जमीनी हकीकत को समझते हुए फैसला लेना चाहिए।
इस दौरान अनंत सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि “बिहार के मालिक नीतीश कुमार ही रहेंगे।” उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि जदयू से नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो उन्हें खुशी होगी।
वहीं, मंत्री पद को लेकर चल रही चर्चाओं पर अनंत सिंह ने साफ तौर पर इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी पद की चाह नहीं है, वे सिर्फ जनता के मुद्दों को उठाना चाहते हैं।
बता दें कि अनंत सिंह एनडीए विधायक दल की बैठक में भी शामिल हुए, जिसमें सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। बिहार में नई एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण बुधवार को होने जा रहा है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि शराबबंदी जैसे संवेदनशील मुद्दे पर नई सरकार क्या रुख अपनाती है, क्योंकि अनंत सिंह का यह बयान सियासी हलकों में नई बहस को जन्म दे चुका है।
