बिहार के राजनीतिक इतिहास में बुधवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब पहली बार भारतीय जनता पार्टी के किसी नेता ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। सुबह 11:00 बजे लोक भवन में आयोजित भव्य समारोह में सम्राट चौधरी ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली।
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीधे मुख्य सचिवालय पहुंचे और बिना समय गंवाए कामकाज संभाल लिया। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में प्रवेश करते ही उन्होंने महत्वपूर्ण फाइलों की समीक्षा की और कई जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। उनकी अध्यक्षता में मुख्य सचिव और विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिवों के साथ पहली उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित हुई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार अब पूरी तरह एक्शन-ओरिएंटेड और परिणाम आधारित कार्यशैली पर काम करेगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समाधान तय समय सीमा के भीतर पारदर्शी तरीके से किया जाए।
उन्होंने सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी लंबित परियोजनाओं की तत्काल प्रगति रिपोर्ट मांगी और चेतावनी दी कि लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही सरकारी सेवाओं को सरल और सुलभ बनाने के लिए तकनीकी सुधारों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विकास योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सम्राट चौधरी को शपथ दिलाई। वहीं विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी मंत्री पद की शपथ ली और वे उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य करेंगे। समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
