
पूर्वी चंपारण: बिहार के पूर्वी चंपारण में हल्द्वानी की कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना के विरोध में जिला कांग्रेस कमिटी ने शुक्रवार को सत्याग्रह और विरोध मार्च निकाला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि भूषण राय उर्फ गप्पू राय की अध्यक्षता में जिला कांग्रेस कार्यालय, गांधी आश्रम बंजरिया पंडाल स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने सत्याग्रह किया गया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा से जानपुल चौक तक विरोध मार्च निकालकर भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कुछ लोगों द्वारा सभा स्थल पर हवन-यज्ञ कर मंच का कथित रूप से ‘शुद्धिकरण’ किया गया। कांग्रेस ने इसे दलित समाज, सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों का अपमान बताया।
सत्याग्रह सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि भूषण राय ने कहा कि जिस मंच से मल्लिकार्जुन खड़गे ने जनता को संबोधित किया, उसी मंच का कथित शुद्धिकरण बेहद निंदनीय है। उन्होंने इसे जातिवादी मानसिकता का प्रदर्शन बताते हुए कहा कि खड़गे का सार्वजनिक जीवन सामाजिक न्याय, संघर्ष और संविधान की रक्षा के लिए समर्पित रहा है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा बेरोजगारी, महंगाई और जनता से जुड़े मुद्दों का जवाब देने के बजाय जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि संविधान ने छुआछूत जैसी कुरीतियों को समाप्त करने का संदेश दिया है, ऐसे में किसी व्यक्ति की सामाजिक पहचान के आधार पर उसके इस्तेमाल किए गए मंच को ‘शुद्ध’ करने की मानसिकता स्वीकार्य नहीं हो सकती।
कांग्रेस ने मांग की कि हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण करने वाले लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाए। नेताओं ने सामाजिक समानता और संविधान की रक्षा का संकल्प लेते हुए कहा कि लोकतंत्र में भेदभाव की ऐसी सोच के लिए कोई जगह नहीं है।
बताया गया कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। कांग्रेस के अनुसार, इसके बाद 11 अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास संगठन ने उसी मंच का कथित शुद्धिकरण किया, जिसके विरोध में कांग्रेस ने यह प्रदर्शन किया।





