आस्था, श्रद्धा और सूर्य उपासना के महापर्व छठ को लेकर जिले के विभिन्न घाटों पर आज सुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा देखने को मिला। चार दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व के चौथे दिन व्रतियों ने उगते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर पर्व को सम्पन्न किया।
सुबह की लाल किरणों में घाटों का दृश्य अत्यंत मनोहारी और अद्भुत रहा। व्रतियों ने जल में खड़े होकर पूरी विधि-विधान के साथ सूर्य देव की आराधना की। इस दौरान घाट पर छठ मइया के गीतों की प्रतिध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय बन गया। लोग पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित नजर आए। महिलाएं साड़ी, पुरुष धोती-कुर्ता और बच्चे भी उत्साहपूर्वक व्रत में शामिल हुए।
व्रतियों ने सूप और दौरा में ठेकुआ, फल, गन्ना और अन्य प्रसाद लेकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, संतानों की लंबी उम्र और स्वास्थ्य की कामना की। घाटों पर साफ-सफाई और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। प्रशासन ने हर जगह रोशनी, बैरिकेडिंग और सुरक्षा बलों की तैनाती की थी ताकि पर्व श्रद्धापूर्वक और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
कड़ी तपस्या और निर्जला व्रत के साथ व्रतियों ने अपने कठिन परिश्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस दौरान व्रतियों का संयम, आस्था और प्रकृति के प्रति आदर झलक रहा था। स्थानीय लोग और प्रशासन ने मिलकर इसे सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
इस प्रकार, चार दिन चलने वाला छठ महापर्व उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ सम्पन्न हुआ। आस्था और प्रकृति के इस अद्भुत संगम ने समाज को एकता, अनुशासन और श्रद्धा का संदेश दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी ने छठ पर्व की महत्ता और लोकप्रियता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।
लखीसराय के घाटों पर आज का दृश्य एक बार फिर यह दर्शाता है कि इस पावन पर्व में लोक संस्कृति, परंपरा और सामूहिक आस्था का सुंदर संगम देखने को मिलता है।
